पेंक्रिआस का शरीर में क्या महत्व है?

 पेंक्रिआस का शरीर में क्या महत्व है?

पेंक्रिआस का शरीर में क्या महत्व है?

👉 पेंक्रिआस मानव शरीर सहित सभी रीढ़ की हड्डी वाले प्राणियों का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। यह पेट के निचले भाग में स्थित होता है और पार्श्व से लेटे फ्लास्क जैसा दिखता है। इस ग्रंथि का रंग गुलाबीपन लिए पीला होता है और यह 12 से 15 सेमी. लंबी, 3.8 सेमी. चौड़ी और 2.5 सेमी. मोटी होती है। आइए जानें यह शरीर के लिए महत्वपूर्ण क्यों होती है? पेंक्रिआस एक बहुत ही शक्तिशाली पाचक रस पैदा करता है। यह रस ही आंतों में भोजन को तोड़ता है। इससे इंसुलिन और ग्लूकैजन नामक हार्मोन भी पैदा होते हैं। यह ग्रंथि रोज करीब सवा किलो से डेढ़ किलो पेंक्रिऑटिक रस पैदा करती है। सोडियम बाइकार्बोनेट युक्त यह रस अम्ल को उदासीन कर एक नली से होता हुआ छोटी आंत या डुओडिनम तक पहुंचता है। इस रस में लवण और एंजाइम होते हैं, जो प्रोटीन, स्टार्च, शर्करा और वसा को पचाने में सहायता करते हैं। इस रस में पांच एंजाइम होते हैं, जो प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट को पचाने का काम करते हैं। अगर पेंक्रिआस ग्रंथि नहीं हो, तो न तो भोजन ठीक से पच सकता है और न ही इंसुलिन के अभाव के कारण रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है
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