संस्कृत व्याकरण पद प्रकरण | परिभाषा, भेद एवं उदाहरण सहित
पद - प्रकरण
जिन शब्दों या धातुओं में विभक्तियाँ नहीं रहतीं, वे प्रातिपदिक शब्द या धातु कहलाते हैं। जैसे— राम, सूर्य, हरि, धावत्, भू, गम्, पठ् आदि । संस्कृत में शब्दों और धातुओं का इस तरह प्रयोग नहीं होता।
विभक्ति से युक्त शब्द या धातु पद कहलाते हैं। सु, औ, जस् आदि सुप् विभक्ति से युक्त शब्द सुबन्त तथा तिप् तस् झि आदि तिङ् विभक्ति से युक्त धातु तिङन्त कहलाते हैं। संस्कृत में इन्हीं सुबन्त और तिङन्त पदों का प्रयोग किया जाता है।
सुबन्त पद, यथा-
रामः, सूर्यः, धावन्, मुनेः, वयम् आदि
तिङन्त पद, यथा-
भवति, अभवत्, गच्छति, पठामि आदि
पद के पाँच प्रकार होते हैं- 1. संज्ञा (विशेष्य) 2. विशेषण 3. सर्वनाम 4. अव्यय 5. क्रिया ।
1. संज्ञा - जो जाति, व्यक्ति, द्रव्य आदि किसी के नाम या भाव का संकेत करता है, उसे संज्ञा या विशेष्य कहते हैं। जैसे— मनुष्यः, सिंहः, रामः, वायुः, सौन्दर्यम्, पठनम् आदि
प्रत्येक संज्ञा लिंग, वचन, पुरुष, कारक और विभक्ति से जुड़ी रहती है। जैसेबालकः पठति (लड़का पढ़ता है)। इस वाक्य में बालकः शब्द पुंल्लिंग, एकवचन, प्रथम पुरुष और कर्ताकारक है । कर्ताकारक में प्रथमा विभक्ति होती है।
2. विशेषण – जिससे संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता का बोध हो, उसे विशेषण कहते हैं। जैसे— उत्तमः, नीचः, लघ्वी, मृदुः, कठोर, , मधुरम् आदि
3. सर्वनाम – सर्वादिगण में परिगणित शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। इनके अधिकांश शब्द किसी संज्ञा के स्थान पर आते हैं। जैसे— सर्व, यद्, तद्, इदम्, अस्मद्, युष्मद् इत्यादि -
4. अव्यय - जिसके रूप में परिवर्तन न हो, उसे अव्यय कहते हैं। जैसे—इदानीं, सायं, कुत्र, चिरं, तत्र, किं, यदा इत्यादि
5. क्रिया - जिस धातु से क्रिया के अर्थ का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं। जैसेगच्छति, वहति, करोमि, पठसि इत्यादि
अभ्यास
1. पद किसे कहते हैं ? प्रातिपदिक शब्द और पद में क्या अन्तर है? बताएँ ।
2. पद के कितने भेद हैं ? सोदाहरण बताएँ ।
3. संज्ञा और विशेषण की परिभाषा बताएँ ।
4. निम्नलिखित शब्दों में जो शुद्ध हों उनपर √ लगाएँ ।
(क) वालकान् — बालकान्
(ख) दातृनाम् — दातृणाम्
(ग) मूर्खेन — मूर्खेण
(घ) रन्धनम् — रण्धनम्
(ङ) बाण — बान
(च) वीना — वीणा
(छ) प्रवीण — प्रवीन
(ज) गुण — गुन
5. निम्नलिखित शब्दों में जो शुद्ध हों उनपर √ लगाएँ ।
(क) नदीसु — नदीषु
(ख) धूलिसात् — धूलिषात्
(ग) आत्मसात् — आत्मषात्
(घ) अभिषेकः — अभिसेकः
(ङ) निसेधः — निषेधः
(च) वृशभः — वृषभः
(छ) विसः — विषम्
(ज) पीयूस — पीयूषः
(झ) परुषः — परुसः
6. सर्वनाम किसे कहते हैं ?
7. अव्यय के तीन उदाहरण दें।
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